रोशनी में देखो तो नजर नही आता ---रिश्ते में रमती है खुशबू या रिश्ते से रिसता है रेशम?
खुशबू में भ्रम का डर , रेशम के मिटने का डर , और रौशनी से सच चमकने का डर पुराना है...
न रिश्ते, न रोशनी, न रेशम में है जिया करो --चटकता है जो मन में अक्सर वो कभी सुन लिया करो
दिल है तो बस अब उस अहसास में ....... की तुम रहोगे अब सदा पास में...........
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